Yes I’M Bihari
India News

मेघायल खदान में फंसे 15 खनिकों के मामले में SC ने अपनाया सख्त रवैया, 7 जनवरी तक मांगी रिपोर्ट

sponsored Advt by- Addon

NEW DELHI: मेघालय में एक कोयला खदान में 13 दिसंबर से फंसे 15 खनिकों को बचाने का अभियान 22वें दिन भी जारी है। कोयले के खदान में फंसे मजदूरों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश दिए है। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार से इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट 7 जनवरी तक मांगी है। कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि जो भी मामले को लेकर कार्य किए गे हैं, उनसे संबंधित रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल की जाए।

sponsored Advt by- Addon

मामले में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि खान गैरकानूनी है, उसका रखरखाव उचित ढंग से नहीं किया गया, खदान के कोई ब्लूप्रिंट भी उपलब्ध नहीं हैं। भारतीय नौसेना के विशेषज्ञ गोताखोरों को बुलाया गया, लेकिन निकट ही नदी के होने की वजह से ऑपरेशन कठिन है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि खदान मालिकों के खिलाफ कार्रवाई कीजिए, मज़दूर क्यों प्रभावित हों ?

सुप्रीम कोर्ट ने कल यानी 3 जनवरी को राज्य सरकार को फटकार लगाई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से कहा कि मजदूर इतने दिन से लापता हैं। अब तक आपने क्या कदम उठाए? हम रेस्क्यू ऑपरेशन से संतुष्ट नहीं हैं। इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि सब मारे जा चुके हैं, कुछ जिंदा हैं, कुछ मारे गए हैं या सभी जिंदा हैं। उन्हें बाहर निकाला जाना चाहिए। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे सभी जिंदा हों।

Supreme Court

कोर्ट ने कहा कि एक-एक सेकंड कीमती है, जरूरत पड़े तो सेना की मदद ली जाए। कोर्ट ने कहा कि अगर थाईलैंड में हाई पावर पंप भेजे जा सकते हैं तो मेघालय में क्यों नहीं। आपको बता दें कि इस मामले में सरकार को बचाव व राहत कार्य मे तेज़ी लाने को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है। इस याचिका में खदानों के बारे में तय नियम प्रक्रिया बनाने की भी मांग की गई है। इसकी सुनवाई मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली दो न्यायाधीशों की पीठ करेगी।

याचिका में मांग की गई कि खदान में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए तेजी से काम किया जाए। साथ ही इस याचिका में कहा गया कि मेघालय सरकार पानी निकालने के लिए 100 पंप लें। 15 खदानकर्मी के रेस्कयू ऑपरेशन में नेवी के गोताखोर खदान की तह तक पहुंचने में कामयाब रहे, लेकिन उन्हें वहां फंसा हुआ कोई भी मजदूर नहीं मिला। अभियान के प्रवक्ता आर सुस्नगी ने कहा कि अभियान में नौसेना के गोताखोर उच्च तकनीकी उपकरण ‘अंडर वॉटर रिमोटली ऑपरेटिड व्हीकल’ (यूडब्ल्यूआरओवी) के साथ तीन घंटे तक शाफ्ट के अंदर रहे लेकिन इसमें दृश्यता एक फुट रही जो बहुत कम है।

The post मेघायल खदान में फंसे 15 खनिकों के मामले में SC ने अपनाया सख्त रवैया, 7 जनवरी तक मांगी रिपोर्ट appeared first on Live India.

sponsored Advt by- Addon

Related posts

Leave a Comment